सोयाबीन



सोयाबीन न केवल प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्त्रौत है बल्कि कई शारीरिक क्रियाओं को भी प्रभावित करता है। विभिन्न शोधकर्ताओं द्वारा सोया प्रोटीन का प्लाज्मा लिपिड एवं कोलेस्टेरॉल की मात्रा पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया है और यह पाया गया है कि सोया प्रोटीन मानव रक्त में कोलेस्टेरॉल की मात्रा कम करने में सहायक होता है। निर्दिष्ट स्वास्थ्य उपयोग के लिए सोया प्रोटीन संभवतः पहला सोयाबीन घटक है।

विश्व का 60% सोयाबीन अमेरिका में पैदा होता है। भारत मे सबसे अधिक सोयाबीन का उत्पादन मध्यप्रदेश करता है। मध्यप्रदेश में इंदौर में सोयाबीन रिसर्च सेंटर है।

सोयाबीन में प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन ई, बी कॉम्लेक्स, थाइ‍मीन, राइबोफ्लेविन अमीनो अम्ल, सैपोनिन, साइटोस्टेरोल, फेनोलिक एसिड एवं अन्य कई पोषक तत्व होते हैं जो फायदेमंद होते हैं।
                             इसमें भरपूर मात्रा में होता है जो खास तौर से महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है और एनिमिया व ऑस्ट‍ियोपोरोसिस से बचाने में लाभप्रद है। वहीं कमजोरी होने पर भी यह बेहद असरदार है।
                                          हड्ड‍ियों के लिए लाभदायक है। यह हड्ड‍ियों को पोषण देता है जिससे वे कमजोर नहीं होती और हड्डी टूटने का खतरा भी कम होता है। इसका सेवन हड्ड‍ियों की सघनता को बढ़ाने में सहायक है।

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ब्लडप्रेशर की समस्या होने पर सोयाबीन का सेवन फायदेमंद होता है। खास तौर से ब्लडप्रेशर बढ़ने की स्थ‍िति में इसका सेवन ब्लडप्रेशर को नियंत्रित कर उसे बढ़ने से रोकता है।
             डाइबिटीज रोगियों के लिए भी यह कमाल का असर करता है और रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित कर उसे बढ़ने से रोकता है। इस तरह से आपकी डाइबिटीज नियंत्रण में रहती है।

सोयाबीन-[वैज्ञानिक नाम="ग्लाईसीन मैक्स"] सोयाबीन फसल है। यह दलहन के बजाय तिलहन की फसल मानी जाती है। सोयाबीन दलहन की फसल है शाकाहारी मनुष्यों के लिए इसको मांस भी कहा जाता है क्योंकि इसमें बहुत अधिक प्रोटीन होता है। इसका वानस्पतिक नाम ग्लाईसीन मैक्स है।स्वास्थ्य के लिए एक बहुउपयोगी खाद्य पदार्थ है। सोयाबीन एक महत्वपूर्ण खाद्य स्रोत है। इसके मुख्य घटक प्रोटीन, कार्बोहाइडेंट और वसा होते है। सोयाबीन में 38-40 प्रतिशत प्रोटीन, 22 प्रतिशत तेल, 21 प्रतिशत कार्बोहाइडेंट, 12 प्रतिशत नमी तथा 5 प्रतिशत भस्म होती है।

                                               सोयाप्रोटीन के एमीगेमिनो अम्ल की संरचना पशु प्रोटीन के समकक्ष होती हैं। अतः मनुष्य के पोषण के लिए सोयाबीन उच्च गुणवत्ता युक्त प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत हैं। कार्बोहाइडेंट के रूप में आहार रेशा, शर्करा, रैफीनोस एवं स्टाकियोज होता है जो कि पेट में पाए जाने वाले सूक्ष्मजीवों के लिए लाभप्रद होता हैं। सोयाबीन तेल में लिनोलिक अम्ल एवं लिनालेनिक अम्ल प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये अम्ल शरीर के लिए आवश्यक वसा अम्ल होते हैं। इसके अलावा सोयाबीन में आइसोफ्लावोन, लेसिथिन और फाइटोस्टेरॉल रूप में कुछ अन्य स्वास्थवर्धक उपयोगी घटक होते हैं।

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