बिच्छू जैसा कि बिच्छू के डंक मारने पर त्वचा में झनझनी सी फ़ैल जाती है ठीक वैसे ही बिच्छू बूटी के पौधे को छूने पर भी होता है. यानी बिच्छू बूटी के पौधे को छूने पर आपके त्वचा में झनझनी या जलन जैसा महसूस होने लगता है. इसका वैज्ञानिक नाम अर्टिका डाईओका है. यदि हम इसके खेती की बात करें तो या अफ्रीका, यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में उपजाया जाता है. उपयोग 1. रक्त संचार में मदद खून में मौजूद लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को उत्तेजित करने वाले विटामिन सी और प्रचुर मात्रा में आयरन बिच्छू बूटी में पाया जाता है. अपने इसी गुण के कारण ये हमारे शरीर में रक्त संचार में वृद्धि, गावों को ठीक करने और शरीर के उपरी भागों में उर्जा का स्तर बढ़ाने के लिए ऑक्सीजन पहुँचाने में मदद करता है. 2. प्रेगनेंसी और मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक लेबर पेन से गुजरने वाली महिलाओं की परेशानी कम करने के लिए उन्हें बिच्छू बूटी से जुड़ी चाय पिने की सलाह दी जाती है. एक कोऐग्यलंट के रूप में काम करने वाला बिच्छू बूटी अधिक ब्लीडिंग होने से भी बचाता है. मासिक धर्म के दौरान बिच्छू बूटी के सेवन से महिलाएं ऐंठन और सुजन से काफी हद तक निजात...